आजकल ज्यादातर लोग अपना बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं। भारत में स्टार्टअप्स का ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ रहा है। अच्छी बात यह है कि सरकार भी नए बिज़नेस को सपोर्ट कर रही है। इसके लिए सरकार ने Startup India Scheme शुरू की है। अगर आप चाहते हो कि आपको सरकार से फायदे मिलें – अगर आप टैक्स में फायदा, फंडिंग या कोई और मदद लेना चाहते हो, तो अपना स्टार्टअप DPIIT में रजिस्टर कराना जरूरी है।
यह काम बहुत आसान है। मैं आपको यहां स्टेप बाय स्टेप बता रहा हूँ कि How to Register a Startup Under DPIIT in India।
DPIIT Registration क्या है?
DPIIT एक सरकारी विभाग है। यह स्टार्टअप्स को प्रमोट करता है। जब आप DPIIT के तहत रजिस्टर करते हैं, तो सरकार आपको कई फायदे देती है – जैसे टैक्स में छूट, फंडिंग, पेटेंट और ट्रेडमार्क सस्ता करवाना, और सरकारी टेंडर में प्राथमिकता।
Startup India और DPIIT में फर्क
| चीज़ | Startup India | DPIIT |
| क्या करता है? | गाइडेंस और नेटवर्किंग देता है | टैक्स छूट, फंडिंग, और IPR में मदद देता है |
| कहां अप्लाई करें? | Startup India Portal | Startup India Portal के अंदर DPIIT सेक्शन |
DPIIT Registration क्यों जरूरी है?
अगर आप अपना बिज़नेस बढ़ाना चाहते हैं और चाहते हैं कि सरकार मदद करे, तो DPIIT जरूरी है।
फायदे:
- 3 साल तक Income Tax में छूट
- सरकारी टेंडर में प्राथमिकता
- IPR (पेटेंट, ट्रेडमार्क) सस्ता
- फंडिंग सपोर्ट
- बिज़नेस बंद करने का आसान तरीका
कौन कर सकता है DPIIT Registration?
- आपकी कंपनी 10 साल से पुरानी नहीं होनी चाहिए।
- कंपनी का टर्नओवर 100 करोड़ से कम होना चाहिए।
- आपकी कंपनी Private Limited, LLP या Partnership Firm होनी चाहिए। मतलब, ये तीन में से किसी एक तरह से रजिस्टर हो।
- बिज़नेस में नया आइडिया होना चाहिए।

कौन से Documents चाहिए?
| डॉक्यूमेंट | क्यों जरूरी है? |
| Incorporation Certificate | कंपनी का रजिस्ट्रेशन प्रूफ |
| PAN Card | कंपनी का टैक्स आईडी |
| Founder Details | डायरेक्टर्स या पार्टनर्स की जानकारी |
| Business Plan | आपका बिज़नेस प्लान |
| Proof of Concept | आपके आइडिया का प्रूफ |
| Website Details | ऑनलाइन प्रेजेंस की जानकारी |
How to Register a Startup Under DPIIT in India – Step by Step
Step 1: Startup India Portal पर अकाउंट बनाओ
Startup India Portal
पर जाओ।
“Register” पर क्लिक करो। ईमेल और मोबाइल नंबर डालकर अकाउंट बनाओ।
Step 2: प्रोफाइल पूरी करो
कंपनी का नाम, एड्रेस, PAN, और बिज़नेस डिटेल डालो।
Step 3: DPIIT Recognition के लिए अप्लाई करो
लॉगिन करो और DPIIT Recognition सेक्शन चुनो।
Step 4: डॉक्यूमेंट्स अपलोड करो
सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करो।
Step 5: डिक्लेरेशन साइन करो और सबमिट करो
सबमिट करने से पहले डिक्लेरेशन पढ़ो और साइन करो।
Step 6: DPIIT Certificate डाउनलोड करो
सब कुछ सही होने पर आपको एक ईमेल मिलेगा। इसके बाद DPIIT सर्टिफिकेट डाउनलोड करना सुनिश्चित करें।
DPIIT Startup Recognition के फायदे और जरूरी बातें
1. टैक्स में छूट
- 3 साल की इनकम टैक्स छूट: अगर आपका स्टार्टअप DPIIT से रजिस्टर है, तो आप Section 80-IAC के तहत 3 साल के लिए 100% टैक्स छूट ले सकते हैं। यह 7 साल के ब्लॉक में मिलता है।
- एंजेल टैक्स से छूट (Section 56(2)(viib)): DPIIT रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स को एंजेल निवेश पर टैक्स नहीं देना पड़ता, अगर निवेश फेयर मार्केट वैल्यू से ज्यादा हो।
2. सरकारी फंडिंग और टेंडर
- Startup India Seed Fund Scheme (SISFS): नए स्टार्टअप्स को शुरुआती फंडिंग के लिए 50 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है।
- सरकारी टेंडर: DPIIT रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स बिना किसी टर्नओवर या अनुभव के सीधे सरकारी टेंडर में हिस्सा ले सकते हैं।
3. पेटेंट, ट्रेडमार्क और IPR आसान
- पेटेंट फास्ट-ट्रैक होता है और फीस पर 80% तक की छूट मिलती है।
- ट्रेडमार्क फाइलिंग पर 50% की छूट मिलती है।
- स्टार्टअप्स को IPR (Intellectual Property Rights) की कानूनी मदद भी दी जाती है।
4. रेगुलेटरी (कानूनी) फायदे
- स्टार्टअप्स 3 लेबर लॉज़ के तहत 5 साल तक अनिवार्य पालन से छूट पाते हैं।
- Environmental Laws (पर्यावरण नियम) के तहत “White Category Industries” वाले स्टार्टअप्स पर कोई इंस्पेक्शन नहीं होता।
- स्टार्टअप्स को EPF, ESI और ग्रेच्युटी जैसे कानूनों में खुद ही सर्टिफ़िकेट भरने की सुविधा मिलती है, जिससे काम आसान हो जाता है।
5. स्टार्टअप को जल्दी बंद करने की सुविधा
अगर स्टार्टअप बंद करना पड़े, तो Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 के तहत केवल 90 दिन में प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
6. DPIIT Recognition के रिजेक्ट होने के आम कारण
- इनोवेशन की कमी: स्टार्टअप को कोई नया या यूनिक प्रोडक्ट, सर्विस या प्रोसेस दिखाना जरूरी है।
- डॉक्यूमेंट्स अधूरे होना: Incorporation Certificate, Business Plan या गलत जानकारी होने पर रिजेक्शन हो सकता है।
- अयोग्य बिज़नेस एक्टिविटी: सिर्फ ट्रेडिंग या बिना इनोवेशन वाली सर्विस कंपनियों को रिजेक्ट किया जा सकता है।
- पुराने बिज़नेस का री-कंस्ट्रक्शन: अगर स्टार्टअप किसी पुराने बिज़नेस को काटकर या बदलकर बनाया गया है, तो वह अयोग्य माना जाएगा।
फीस कितनी है?
सबसे अच्छी बात ये है कि DPIIT Registration के लिए आपको कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा।
कितना टाइम लगता है?
अगर सब डॉक्यूमेंट सही हैं तो 2-7 दिन में DPIIT सर्टिफिकेट मिल जाता है।
DPIIT के बाद क्या करें?
- टैक्स बेनिफिट लेने के लिए Income Tax Department में अप्लाई कर दो।
- पैसे की मदद चाहिए? तो Startup India Hub की स्कीम्स चेक कर लो।
- पेटेंट और ट्रेडमार्क डिस्काउंट का फायदा उठाओ।
DPIIT से मिलने वाले टैक्स बेनिफिट्स
DPIIT रजिस्ट्रेशन के बाद आपको 3 साल तक टैक्स में छूट मिलती है। लेकिन इसके लिए आपको Income Tax Department में अलग से अप्लाई करना होगा।
लोग कौन सी गलतियां करते हैं?
- डॉक्यूमेंट पूरे नहीं अपलोड करना।
- बिज़नेस कैटेगरी गलत चुनना।
- फर्जी Proof of Concept देना।
FAQs
Q1. क्या Individual DPIIT में रजिस्टर कर सकता है?
नहीं, आपको पहले कंपनी रजिस्टर करनी होगी।
Q2. DPIIT सर्टिफिकेट मिलने के बाद फंडिंग कैसे मिलेगी?
पैसे या सपोर्ट लेने के लिए Startup India Hub की स्कीम्स में अप्लाई कर लो।
Q3. DPIIT रजिस्ट्रेशन कितने साल तक वैध है?
कंपनी की रजिस्ट्रेशन डेट से 10 साल।
निष्कर्ष
अब आपको पता चल गया होगा कि How to Register a Startup Under DPIIT in India, इसके फायदे क्या हैं, कौन रजिस्टर कर सकता है और कौन से डॉक्यूमेंट्स चाहिए। ये प्रोसेस बहुत आसान है। नया बिज़नेस शुरू कर रहे हो? तो DPIIT Recognition जरूर ले लो, यह बहुत मदद करेगा।